लेखनी कहानी -28-Dec-2022
Martial law Full information in Hindi
मार्शल लॉ क्या है ?
Hello guys,
मार्शल लॉ की परिभाषा क्या होती है.इसके बारे मे हम विस्तृत बतायेंगे. किसी भी देश के किसी विभाग मे कभी कभी ऐसी परिस्थिति आ जाती है. जब देश की न्याय व्यवस्था को संभालना देश की सरकार के जरिए मुश्किल हो जाता है. तो ऐसी परिस्थिति मे देश मे कुछ ऐसे कानुनो को लागू किया जाता है. जिस के लागू होने से सरकार का नियंत्रण खत्म हो जाता है. जिसका नाम मार्शल लॉ है. इस लेख मे इससे जुडी सभी जानकारी यह एक ऐसा कानून है जिस के तहत देश मे सेना को यह अधिकार मिलता है, कि वह उस स्थान शासन और नियंत्रण करे. और यह अधिकार उन्हें सरकार के जरिये दिया जाता है. इस कानून को हम सैनिक कानून के नाम से जानते है.
किसी देश मे यह कब लगाया जाता है
मार्शल लॉ कि घोषणा तब की जाती है जब देश मे नागरिक अशांती या राष्ट्रीय परेशानी या युद्ध की स्थिति जैसी आपातकालीन स्थिति आती है. उस समय नागरिक सरकार द्वारा निर्णय लेना कठिन हो जाता है और सभी निर्णय सेना द्वारा लिये जाते है. अतः उस स्थान को सेना द्वारा टेकओवर कर लिया जाता है. दुसरे शब्दों मे कहे तो राष्ट्रीय संकट के समय मे देश मे या देश के किसी राज्य पर सैन्य शासन के अस्थायी लगाव के रुप मे मार्शल लॉ को परिभाषित किया जाता है.
यह आवश्यक नही है कि यह देश के प्रत्येक हिस्से मे लगाया जा सकता है. इस कानून को लागू करने का मतलब यह नहीं है कि युद्ध की शुरुआत होगी, बल्कि यह वह है जिस मे आम नागरिको की वर्तमान व्यवस्था को हटाकर उस स्थान पर मिली ट्री नियम लागू होता है.
कई बार तख्ता पलट हो जाने पर या बहुत बडी प्राकृतिक आपदा आ जाने पर भी मार्शल लॉ लगाना जरुरी हो जाता है.
मार्शल लॉ मे सेना के अधिकार
बताते चले कि जब मार्शल लॉ घोषित किया जाता है. तो उस समय सेना को कुछ विशेष अधिकार भी प्राप्त हो जाते है. इस कानून के तहत विशेष रुप भी प्रभावित प्रभा ग पर कर्फ्यू लगाया जाता है. इसका उल्लंघन करनेवाले
को तुरंत गिरफ्तार भी किया जा सकता है. इसमे अनिश्चित काल तक गिरफ्तार किये हुये व्यक्ति को रखने की अनुमति भी होती है. इस कानून के अंतर्गत नागरिक स्वतंत्रता जैसे स्वत़़ंत़्र आंदोलन का अधिकार, स्वतंत्र भाषण या अनुचित खोजो से सुरक्षा आदि को हटा दिया जाता है. बता दे कि, न्याय प्रणाली के साथ बदल दिया जाता है.
मार्शल लॉ और राष्ट्रीय आपातकाल मे अंतर
मार्शल लॉ और राष्ट्रीय आपातकाल मे कई अंतर है. मार्शल लॉ लगाने पर केवल लोगो के मौलिक अधिकार ही प्रभावित होते है, जबकि राष्ट्रीय आपातकाल से मौलिक अधिकारो फेडरल स्कीम बिजली वितरण आदि पर भी व्यापक रुपसे प्रभाव पडता है. सरकार के साथ ही सामान्य अदालते पहले की तरह काम करती रहती है.
जानकारी को लिए बता दे कि, भारतीय संविधान मे इसकी कोई जानकारी नही है. मार्शल लॉ कब और किन परिस्थितियों मे लगाया जाता है.
किन देशो मे लग चुका है मार्शल लॉ
अमेरिका, चाइना, कनाडा, बूनेई, मॉरिशस,पोलैंड, सिरीया, युक्रेन फिलीपिंस, इन देशो मे लगाया जा चुका है.
मार्शल लॉ लगने के बाद क्या प्रभाव पडा
जहा सैन्य दल के अनुसार कारवाई होती है मार्शल लॉ के दौरान होनेवाली प्रतिक्रिया से लोगो को काफी हद तक परेशानी यो से जुझना पडता था.
उपसंहार
दोस्तों आज हम इस लेख के जरिए हम आपको मार्शल लॉ से जुडी सारे तथ्यों के बारे मे सरल शब्दों मे जानकारी प्रदान की गई है. हम उम्मीद करते है आप हमारी जानकारी से संतुष्ट होंगे.
- अभिलाषा देशपांडे
आँचल सोनी 'हिया'
05-Jan-2023 04:38 PM
Nice
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डॉ. रामबली मिश्र
28-Dec-2022 07:20 PM
शानदार
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सीताराम साहू 'निर्मल'
28-Dec-2022 06:15 PM
👌👌
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